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barsaat par sad shayari 2 line hindi copy paste

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 बहुत अजीब हैं तेरे बाद की ये बरसातें भी, हम अक्सर बन्द कमरे में भीग जाते हैं। 

      

 तबस्सुम इत्र जैसा है हँसी बरसात जैसी है वो जब भी बात करती हैं तो बाते भीग जाती है...😍

 तुम मोहब्बत भी मौसम की तरह निभाते हो, कभी बरसते हो तो कभी एक बूंद को तरसाते हो !!

 

आसमन पर से भरोसा अब उट सा गया है.. चलो आज बिन बादल बरसात हुई जाए तुम बस याद रखना हमारा नाम..क्या पता मुलाकात कब-कही होजए 

         

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