Very sad emotional shayari for instagram post
rishabh tripathi
दिसंबर 16, 2022
में हमेशा डरता था उस खोने से उसने ये डर ही खत्म कर दिया मुझे छोड़कर।
क़तरा क़तरा कर के,बिखर रहा है दरिया बूंदों से, व्यापार कर रहा है ए रही यहां से, ज़रा रुक कर चल मेरे सामने से,ज़माना गुज़र रहा है.
तकलीफ तो मुझे भी होती है मगर ये बात हौंसला देती है कि जब तुम रह सकते हो मेरे बगैर तो मैं क्यूँ नहीं